Gorkhaland scenario

‪#‎Gorkhaland‬ Scenario: Govt is trying their best to stop the current Gorkhaland movement by hook or crook. what have they done till now: Divided terai ‪#‎dooars‬ and ‪#‎darjeeling‬ hills, Tried to bring the ‪#‎Lepcha‬ Council in between,Arrests of some prominent leaders based on old legal cases, tried to clamp down the freedom of information, Illegalised the bandh and the janta‪#‎curfew‬, tried to gain sympathy from the public by trying to provide relief, at regular interval they acted as maniac by derogatory statements to invoke the fury of masses BUT…… all failed. What have we done: The agitation started with ‪#‎GJM‬‘s programme and converted into all parties programme, the agitation became a revolution of people for the identity and justice. As far as I see the movement is not in the hands of Bimal Guruing, he is only our representative for the demand of Gorkhaland. The advent of professor Mahendra P lama is an added value so is of Mr Munish Tamang. The confluence of Intellect and street management has given a shock to the state adminstration.
What could they do? They will play the communal card as played by CPM in ’80s, they will play the card of terrorism (arms struggle) Ajay Dahal might be the another target for the state.
The question is how long can we as a public sustain the movement or revolution? How far our leaders sustain the struggle? will they give up and passify the public or will they encourage the peoiple to fight till we get Gorkhaland? – Prasanna Dewan

मंगलसिंह, तेरी आग की जीभ कहाँ है ?

इतिहास से इतर भी कुछ हो रहा है 

कहीं कुछ और भी है जो बहुत भयानक है और हमारी आँख में उंगली डाल हमें वह दिखाना चाहता है जो हमसे हज़ारों मील दूर घट रहा है, या शायद हमसे एक मिली मीटर की दूरी पर भी किया जा रहा हो… बस हमारी आँख की ज़द में .. बस हमारी नज़र से दूर ..

यह एक कवि है Raja Puniyani जो कुछ आग सा कह रहा है-

मूल नेपाली में लिखी यह कविता खुद कवि ने अनूदित की है, कुछ शब्दों को मैंने प्रवाह में लाने के लिए छुआ है बस …

मंगलसिंह, तेरी आग की जीभ कहाँ है ?

(गोरखालैंड के लिए शहीद होनेवाले मंगलसिंह राजपूत के नाम …)

मंगलसिंह 

 

तेरे जवान शरीर का 
सौ साल बुड्ढा आग देख 
अपने हक का पेशाब कर रहा है मंझला 

मंगलसिंह, कौन सा है तेरी आग का देश?
मंगलसिंह, तेरी आग के चप्पल का ब्रांड क्या है? 
मंगलसिंह, तेरी आग की जीभ कहां है 

इस आग का नाम क्या है- 
पूछ रहा है कार्पोरेटों से कुचला गया देश। 

उपनिवेशवादी रामराज्य में 
तेरी आग का दाम 
सस्ता है उस तेल के दाम से जिसे तूने अपने शरीर में फेंका था। 

तेरी आग के चेहरे में 
लटक रहा है एक सपना का सरकारी हड्डी। 
तेरी आग के मुंह से सट के खड़ा है 
गुस्सैल आंधी का गीत। 

मंगलसिंह, इस बार तुझे देख कर 
बुद्ध एक कुँए का नक्शा आंक रहा है 
हिटलर के हाथ से गिर चुका है तानाशाही कारतूस 
गान्धी ने थोड़ी-सी उपर उठा दी है अपनी नैतिकता की धोती।

अब जा के मंगलसिंह
तूने एक धक्का दे दिया है
जो आज तक न दिया गया मानचित्र के पथरीले दरवाजे पर।

तेरी चीत्कार सुन कर इस बार
खुजला रही है तीस्ता 
पुराने भूगोल का दाद
रह-रह कर खून बह रहा है जहाँ से 

मंगलसिंह, तेरी आग की जीभ कहाँ है 

संविधान की मकड़ी का मुता हुआ 
तेरा इकतारा भुंड़ी में
बजाता रहता है तेरा जिद्दी आवाज -सुन रहा है तू 

मंगलसिंह, तेरी आग के हाथों से
पकड़ रखी है तूने 
इतिहास की पहेली की चालाक पूंछ 

जिन पदचिह्नों का पीछा कर रहे हैं तेरे आग के पैर 
वे मुक्ति के हैं या मृगतृष्णा के 

मंगलसिंह, तेरी आग की जीभ कहाँ है 

चाट दे तू आग की जीभ से
छली गर्भधारण के खबर खेल को 

दिल्ली जाने वाली रेल का टीटीई मांग रहा है 
तेरी आग का वोटर आईडी

मंगलसिंह, अब तो उतार दे तेरी आग का कवच
मंगलसिंह, तेरी आग की जीभ कहाँ है ?

 Source: http://navopinion.blogspot.in/2013/08/blog-post.html

 

Rally by tea garden workers for Gorkhaland today at Tharpu

Rally by tea garden workers for Gorkhaland today at Tharpu

Today at Kurseong: Student Rally for Gorkhaland 3

Today at Kurseong: Student Rally for Gorkhaland 3

Today at Kurseong: student Rally 2

Today at Kurseong: student Rally 2

Today at Kurseong; Rally by Students for Gorkhaland

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Youth for Gorkhaland

Youth for Gorkhaland

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